तुम भी जल थे हम भी जल थे ,
इतने घुले -मिले थे कि एक दूसरे से जलते ना थे।
ना तुम खल थे ना हम खल थे ,
इतने खुले -खुले थे कि एक दूसरे को खलते ना थे।
अचानक हम तुम्हें खलने लगे,
और तुम हमसे जलने लगे।
तुम जल से "भाप " हो गए और "तुम" से "आप" हो गए।
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