साईं इतना दीजिये, स्विस बैंक भर जाए ,
औरन को चले, दस पीढ़ी तर जाये।
पैसा आवत जात है, पैसा सब कुछ जान ,
पैसे से इज़्ज़त, मिले पैसा है बलवान।
जितना तू खा सके, खा ले भैया राम ,
पांच साल के बाद फिर, मौका मिले ना काम।
नेता तो ऐसा भया, करे ना कोई काम ,
घर बैठे सब कुछ मिले, भजे ना फिर भी राम।
नेता हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर
जनता को रोटी न मिले, खुद खाये अँगूर।
रहिमन पानी राखिये, बादल न बरसाए ,
पानी तो मिल रहा नहीं, कोई कैसे नहाये।
ऐसी वाणी बोलिये, जो सबके मन को भाये ,
बुरा बोलिये तो अंग्रेजी में, कोई उसको समझ न पाए।
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोय ,
पत्नी को जो देखा घर में, उससे बुरा ना कोय।
औरन को चले, दस पीढ़ी तर जाये।
पैसा आवत जात है, पैसा सब कुछ जान ,
पैसे से इज़्ज़त, मिले पैसा है बलवान।
जितना तू खा सके, खा ले भैया राम ,
पांच साल के बाद फिर, मौका मिले ना काम।
नेता तो ऐसा भया, करे ना कोई काम ,
घर बैठे सब कुछ मिले, भजे ना फिर भी राम।
नेता हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर
जनता को रोटी न मिले, खुद खाये अँगूर।
रहिमन पानी राखिये, बादल न बरसाए ,
पानी तो मिल रहा नहीं, कोई कैसे नहाये।
ऐसी वाणी बोलिये, जो सबके मन को भाये ,
बुरा बोलिये तो अंग्रेजी में, कोई उसको समझ न पाए।
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोय ,
पत्नी को जो देखा घर में, उससे बुरा ना कोय।
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