कल तक हवा की तरह बाह रहा था इस दुनिया में,
आज ज़िन्दगी कुछ थम सी गयी है।
कल तक चेहरे में लग ही चमक थी ,
आज ये आँखें कुछ नम सी है।
तुम्हारी ख़ुशी के लिए तुम्हें भूल जाना चाहता हूँ,
पर ये रूह तुमसे जुदा होने नहीं देती।
तुम्हें जताये बिना तुम्हें प्यार करना चाहता हूँ,
पर ये जालिम दुनिया ये खता होने नहीं देती।
कल तक हम एक-दूसरे में डूबे हुए थे,
आज ये बातें कुछ वहम सी हैं।
जब भी मैं तुमसे मिलता हूँ , जब भी आँखें टकराती है,
साँसें मेरी थम जाती है, मैं तुम में खो सा जाता हूँ।
कहना तो रहता है सब कुछ, करने को तुमसे बातें भी,
पर लफ्ज मेरे रुक जाते हैं, मैं दिल में रो-सा जाता हूँ।
दिल को घायल कर जाता है , तुम्हारे नजरअंदाज करने का तरीका ,
ये अंदाज-ए -नजरअंदाज, आज मेरे दिल पे जख्म सी है।
-विवेक
आज ज़िन्दगी कुछ थम सी गयी है।
कल तक चेहरे में लग ही चमक थी ,
आज ये आँखें कुछ नम सी है।
तुम्हारी ख़ुशी के लिए तुम्हें भूल जाना चाहता हूँ,
पर ये रूह तुमसे जुदा होने नहीं देती।
तुम्हें जताये बिना तुम्हें प्यार करना चाहता हूँ,
पर ये जालिम दुनिया ये खता होने नहीं देती।
कल तक हम एक-दूसरे में डूबे हुए थे,
आज ये बातें कुछ वहम सी हैं।
जब भी मैं तुमसे मिलता हूँ , जब भी आँखें टकराती है,
साँसें मेरी थम जाती है, मैं तुम में खो सा जाता हूँ।
कहना तो रहता है सब कुछ, करने को तुमसे बातें भी,
पर लफ्ज मेरे रुक जाते हैं, मैं दिल में रो-सा जाता हूँ।
दिल को घायल कर जाता है , तुम्हारे नजरअंदाज करने का तरीका ,
ये अंदाज-ए -नजरअंदाज, आज मेरे दिल पे जख्म सी है।
-विवेक
Loved it
ReplyDeletethanks bro, it's some kind of feeling which you also relate with it...
DeleteMarvelous
ReplyDeleteguru!
Deletejust now i started my classes.....
Fantastic going
ReplyDeleteFantastic going
ReplyDeleteMera blogger bhai ...sahi khel gaya👌😊
ReplyDeletethanks broda....
Deletetu hai na yaar sath me, to kis baat ka tension....
Tabadtod bhai...keep it up
ReplyDeletebilkul bhai, abhi bahut kuch aane wala hai....thanks
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